
इसका उपयोग कपास, मिर्च, धान, पान की बेल, टमाटर, नीबु, आर, आम, अफीम, चना, मुंग, तरबुज, प्याज, लसन, सभी सब्जिया आदि में किया जाता हैं। पत्तो की जीवाणुवीक, चितवी एंगुलर, लीफस्टार, भुरी, ब्लेक आर्म रोग मिर्च में जड़ गलन, कपास में उगता रोग, वायरल फंगल आदि के लिए दिया जाने वाला विस्तत वर्णक्रम का फफुंदीनाशक (बुरशी) हैं ।
मात्रा : 2-3 ग्राम प्रति लिटर पानी में मिलाए ।
